मोबाईल फोन में क्रांती आने के बाद तो घर-घर में दिखाई देने वाला काले रंग के फोन का डिब्बा यानी लैडलाइन फोन दिखना ही बंद हो गया है। अब तो लैंडलाइन फोन की जगह मोबाईल फोन ने ली है और फिलहाल हर घर में एक नहीं तो दो-तीन मोबाईल फोन तो अवश्य देखने को मिलते है। यानी टेलीकम्युनिकेशन की दुनिया में जोरदार प्रगति हो रही है। लेकिन इस तरह की जोरदार प्रगति लैडलाइन के फोन में भी हो सकती है - सिर्फ एक आयडिया का इस्तेमाल करके ...
दरअसल, गौर करने वाली बात यह है कि विकिपीडिया में प्रकाशित आंकडों के मुताबिक भारत देश की आबादी 122 करोड़ है और अपने देश में सेल फोन की संख्या ९२९.३७ मिलियन और लैडलाइन फोन की संख्या ३१.५३ मिलियन है।
अगर इस आइडिया का इस्तेमाल किया जाए तो निम्नलिखित सेक्टरों को फायदा हो सकता है – टेलिकम्युनिकेशन एंड इन्फोर्मेंशन डिपार्टमेंट / ट्रैवल्स टूरिजम / ट्रैफिक पोलिस / पोलिस डिपार्टमेंट / MTNL-BSNL कंपनी के हर सदस्य को।
अधिक जानकारी के लिए शंकर मराठे से संपर्क करें –मोबाईल ९२२२९ ६३१८८ अथवा ईमेल करें – Shankar.marathe23@gmail.com
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