मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

भाग्यश्री के साथ सिंगर शौर्या मेहता का डेब्यू म्यूज़िक विडिओ "मुकम्मल" टी सीरीज से रिलीज़

सलमान खान के साथ सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया’ से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाली अदाकारा भाग्यश्री लगभग दस साल बाद कम बैक करने जा रही हैं। पिछली बार वह 2010 में आई फिल्म 'रेड अलर्ट’ मे दिखाई दी थीं। उनकी वापसी वाला पहला प्रोजेक्ट कोई मूवी नहीं बल्कि एक म्यूज़िक विडिओ है। जी हां, भाग्यश्री का कमबैक वाला म्यूज़िक वीडियो "मुकम्मल न हुई चाहत" पिछले दिनों मुंबई के सिनेपोलिस सिनेमा में भव्य ढंग से लॉन्च किया गया। जहां इस एलबम से जुड़ी पूरी टीम के साथ साथ कई मेहमान भी मौजूद थे।

आप को बता दें कि इस सिंगल सोंग से सिंगर शौर्या मेहता अपना करियर शुरू करने जा रहे हैं जबकि इसमें फीमेल आवाज़ है दीपा उदित नारायण की।

2018 में रिलीज़ हुई सुपर हिट मराठी फिल्म "पाटिल" में अपनी एक्टिंग से सबको चौंकाने वाले अभिनेता संतोष रम्मीना मिजगर इस विडिओ में भाग्यश्री के साथ नजर आ रहे है। इस विडिओ के डायरेक्टर नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक शिवाजी लोटन पाटिल हैं जबकि इस गीत को लिखा है ऋषि आज़ाद ने और संगीतकार हैं डीएच हार्मनी- एसआरएम अलिएन, इस सॉन्ग को टी सीरीज ने जारी किया है। यह प्रोजेक्ट स्टार क्राफ्ट मनोरंजन के राजे भाऊ द्वारा डिजाइन किया गया है।

मराठी फिल्म ढग के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का 60 वां राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले फिल्म निर्देशक शिवाजी लोटन पाटिल ने इस अवसर पर कहा कि शौर्या मेहता की आवाज़ में एक कशिश है और उन्होंने इस गीत को बड़ी शिद्दत से गाया है।

सिंगर शौर्या मेहता ने कहा कि बेहद कम उम्र से ही उन्हें गीतों पर डांस करने और गुनगुनाने का शौक हो गया था। फिर उन्होंने महान सिंगर सुरेश वाडकर से बाकायदा संगीत और गायकी की तालीम हासिल की। और अब वर्षों की मेहनत के बाद यह सॉन्ग आप सबके सामने है। उन्होंने भाग्यश्री का खास शुक्रिया अदा किया, जो इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हुईं। उन्होंने टी सीरीज के किशन कुमार को भी थैंक्स कहा जो इस लॉचिंग इवेंट पर भी उनका हौसला बढ़ाने आए साथ ही उनका बहुत साथ दिया।

इस सिंगल सॉन्ग की खास बात यह होगी कि इसे पांच भाषाओं में पेश किया जाएगा, पहले तो हिंदी में रिलीज़ किया जा रहा है, इसके पंजाबी, कन्नड़ वर्ज़न भी रिकॉर्ड किए गए हैं जबकि मराठी तेलगु भी जल्द किए जाएंगे।
भाग्यश्री ने यहां कहा कि मैं सिंगर शौर्या को मुबारकबाद देना चाहूंगी कि उनमें कमाल की कला है। उनकी आवाज़ में एक दर्द है। टूटे दिल की आवाज़ को उन्होंने बखूबी इस गीत में पिरोया है। यह एक ऐसा गाना है जिससे कोई भी कनेक्ट कर सकता है। यह कहीं ना कहीं पहले प्यार की याद दिला देगा। मेरी फर्स्ट फिल्म मैंने प्यार किया भी पहले प्यार की ही कहानी थी, जिससे लोगों की यादें आज भी जुड़ी हुई हैं। मुझे उम्मीद है कि यह गाना भी ऑडिएंस को अवश्य पसन्द आएगा।"

इस विडिओ में भाग्यश्री के साथ नजर आ रहे अभिनेता संतोष  मिजगर ने यहां कहा कि मुझे अब भी यह एक ख्वाब की तरह लग रहा है कि मैंने भाग्यश्री के साथ इस विडिओ में स्क्रीन शेयर किया है। मैं उनका बचपन से ही फैन रहा हूं। जब उनकी फिल्म मैंने प्यार किया रिलीज़ हुई थी तो मै दसवीं क्लास में पढ़ता था और जब तक फिल्म सिनेमा हॉल में लगी थी मै रोज़ यह फिल्म देखने जाता था, जब फिल्म थिएटर से उतरने लगी तो मैं वो पोस्टर अपने घर ले आया था और अपने कमरे में सजा दिया था। मै भाग्यश्री की तस्वीर अपने पर्स में भी रखता था। मेरे लिए यह ड्रीम कम ट्रू जैसा एहसास है। मै कहना चाहूंगा कि आप जिसको भी दिल से चाहते हो चाहते रहो, मुमकिन है कि आपकी ख्वाहिश कभी ना कभी किसी भी रूप में पूरी हो जाए।"

भाग्यश्री सोबत सिंगर शौर्या मेहताचा डेब्यू म्यूज़िक विडिओ "मुकम्मल" टी सीरीज ने रिलीज़ केला.

सलमान खान सोबत सूरज बड़जात्या यांचा चित्रपट 'मैंने प्यार किया’ द्वारे आपल्या बॉलीवुड करियरची सुरुवात करणारी अभिनेत्री भाग्यश्री जवळजवळ १० वर्षानंतर कम बैक करत आहे. मागच्या वेळी ती 2010 मध्ये आलेला सिनेमा ‘रेड अलर्ट’ मध्ये झळकली होती. त्यानंतर तीचा पहिला प्रोजेक्ट एखादी मूवी नाही तर एक म्यूज़िक विडिओ आहे. खरचं आहे कि भाग्यश्रीची कमबैक म्यूज़िक वीडियो "मुकम्मल न हुई चाहत" ने झाली आहे व काही दिवसापूर्वी मुंबईत सिनेपोलिस सिनेमा मध्ये भव्य-दिव्य अंदाजात लॉन्च करण्यात आला. तेथे ह्या एलबमशी संबंधित सर्व टीम सोबत काही पाहुणे देखील उपस्थित होते.

तुम्हांला सांगतो कि ह्या सिंगल गाण्याने सिंगर शौर्या मेहता आपले करियर सुरू करत आहे तर ह्यामध्ये फीमेल आवाज दिला आहे दीपा उदित नारायण ने.

2018 मध्ये रिलीज झालेला सुपरहिट मराठी सिनेमा "पाटिल" मधून आपल्या अभिनयाचा जलवा दाखविणारा  अभिनेता संतोष रम्मीना मिजगर ह्या विडिओत भाग्यश्री सोबत दिसणार आहे. ह्या विडिओचे दिग्दर्शक नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर शिवाजी लोटन पाटिल आहेत तर हे गाणं लिहिले आहे ऋषि आज़ाद ने व संगीतकार आहेत डीएच हार्मनी- एसआरएम अलिएन,  हे सॉन्ग टी सीरीज ने रिलीज केले आहे. हा प्रोजेक्ट स्टार क्राफ्ट मनोरंजनचे राजे भाऊ द्वारा डिजाइन केला गेला आहे.

मराठी सिनेमा ‘ढग’ साठी सर्वश्रेष्ठ दिग्दर्शकाचा 60वा राष्ट्रीय पुरस्कार जिंकणारे चित्रपट दिग्दर्शक शिवाजी लोटन पाटिल म्हणाले कि शौर्या मेहताच्या आवाजात एक जादूई खनक आहे आणि त्याने हे गाणं फारच उत्कृष्टरित्या स्वरबद्ध केले आहे.

सिंगर शौर्या मेहता ने सांगितले कि बालपणापासूनच गाण्यावर नृत्य करणे व गुणगुणत राहण्याचा छंद होता. त्यानंतर सुप्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकर यांच्याकडून विधिवत संगीत व गायकीचे धडे गिरविले. आणि आता काही वर्षाच्या मेहनतीनंतर हे गाणं सर्वांच्या समोर आहे. त्यांने भाग्यश्रीचे खासकरून आभार मानले, ज्या ह्या प्रोजेक्टच्या एक भाग बनण्यासाठी तयार झाल्या.

ह्या सिंगल सॉन्गची खास बाब ही आहे कि हे पाच भाषेत प्रस्तुत केले जाणार आहे, पहिले हिंदीत रिलीज केले जाणार आहे, त्यानंतर पंजाबी, कन्नड़ वर्ज़न देखील रिकॉर्ड करणार आहे, तर मराठी व तेलगु देखील लवकरच बनविणार आहे.

भाग्यश्री ने येथे सांगितले कि मी सिंगर शौर्याला शुभेच्छा देऊ इच्छिते कि त्याच्यामध्ये कमालीची कला आहे. त्याच्या आवाजात एक वेदना आहे. ह्रदयाला स्पर्श करणारा आवाज त्याने ह्या गाण्यातून गुंफण्याचा प्रयत्न केला आहे. हे असं गाणं आहे कि ज्याला कोणी ही कनेक्ट होऊ शकते. हे कोठे-न-कोठे पहिल्या प्रेमाची आठवण करुन देते. माझा पहिला सिनेमा ‘मैंने प्यार किया’ मध्ये देखील प्रेमाची कथा होती, ती लोकांना आता देखील आठवते. मला आशा आहे कि हे गाणं देखील दर्शकांना पसंत पडेल.

ह्या विडिओत भाग्यश्री सोबत झळकणारे अभिनेता संतोष मिजगर म्हटले कि मला तर आता हे एका स्वप्ना सारखे वाटत आहे कि मी भाग्यश्री सोबत ह्या विडिओत स्क्रीन शेयर केली आहे. मी त्यांचा लहानपणापासूनचा फैन आहे. जेव्हा त्यांचा सिनेमा ‘मैंने प्यार किया’ रिलीज झाला होता तेव्हा मी दहावीत शिकत होतो आणि हा चित्रपट सिनेमाहॉल मध्ये लागला तेव्हा मी दररोज हा सिनेमा पाहण्यास जात असे, जेव्हा हा चित्रपट थिएटर ने उतरविला तेव्हा मी त्याचे पोस्टर आपल्या घरी घेऊन गेलो आणि माझ्या रूम मध्ये सजवून ठेवले. मी भाग्यश्रीचा फोटो माझ्या पर्स मध्ये देखील ठेवतो. माझ्यासाठी हे ड्रीम कम ट्रू सारखा अनुभव आहे. मी सांगू इच्छितो कि तुम्ही ज्याला मनापासून मानता, त्याला मानत रहा, शक्य आहे कि तुमचे स्वप्न कधी-न-कधीतरी कोणत्याही रुपात पूर्ण होऊ शकते.

शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

सेक्स वर्कर्स के लिए हिंदी फ़िल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ का स्पेशल शो रखा गया

‘द हंड्रेड बक्स’ के निर्देशक दुष्यंत सिंह ने सबसे पहले अपनी फिल्म दिखाई मुंबई की सेक्स वर्कर्स को और उनसे आशीर्वाद लिया। सबने कहा फ़िल्म बहुत शानदार है और शुभकामनाएं दी। और कहा इस फ़िल्म के ऊपर किसी भी विवाद की कोई वजह नहीं। वे बेहद खुश हैं कि उनके जीवन को एक शानदार तरीके से दिखाया है। शो के दौरान सभी सेक्स वर्कर्स को सेनेटरी पैड्स भी दिया गया। फ़िल्म की मुख्य अभिनेत्री कविता त्रिपाठी भी मौजूद थी। उन्होंने कहा ये मेरे जीवन का सबसे भावुक पल है। मुझे खुशी है कि मैंने इनके दर्द को बड़े पर्दे पर निभाया। फ़िल्म पुरे भारत में १०० से ज़्यादा सिनेमाघरों में लगी है और लोगों को बहुत पसंद आ रही है।

सेक्स वर्कर्ससाठी हिंदी चित्रपट ‘द हंड्रेड बक्स’ चा स्पेशल शो दाखविला

‘द हंड्रेड बक्स’ चे दिग्दर्शक दुष्यंत सिंग ने सर्वात प्रथम आपला सिनेमा मुंबई मधील सेक्स वर्कर्सला दाखविला आणि त्यांचा आशिर्वाद घेतला. सर्व म्हटले कि सिनेमा फारच धमाकेदार आहे व शुभेच्छा दिल्या आणि सांगितले कि या चित्रपटावरून वाद होण्याचे कोणतेही कारण नाही. ते फारच आनंदीत आहे कि त्यांचे जीवन धमाकेदार पद्धतीने सादर केले. शोच्या वेळी सर्व सेक्स वर्कर्सला सेनेटरी पैड्स देखील वाटण्यात आले. ह्या सिनेमांतील मुख्य अभिनेत्री कविता त्रिपाठी देखील उपस्थित होती. ती म्हणाली की हा माझ्या आयुष्यातील सर्वात भावनिक क्षण आहे. मला आनंद आहे कि मी त्यांच्या वेदना मोठ्या पडद्यावर सादर करु शकले. हा चित्रपट भारतात १०० हून अधिक सिनेमाहॉल मध्ये लागला आहे आणि लोकांना फारच पसंत येत आहे.

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

अनूप जलोटा, पंकज बेरी, राजा हसन, एहसान कुरेशी व अन्य मेहमान फ़िल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ देखने आए।

 निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह ने अंधेरी के सिनेपोलिस सिनेमा में अपनी पहली हिंदी फ़िल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ का स्पेशल शो रखा, जहाँ फ़िल्म के कलाकार और मेहमानों को आमंत्रित किया था। आए कलाकार में थे -- कविता त्रिपाठी, ज़ैद शेख, कंपोजर संतोख सिंह, पदमश्री अनूप जलोटा, सुनील पाल, एहसान कुरेशी, राजा हसन, पंकज बेरी, शहज़ाद ख़ान, साहिल, बॉक्स सिनेमा के पवन शर्मा और अन्य जानेमाने लोग। सभी फ़िल्म के कलाकारों और निर्देशक को बधाई दी।

अनूप जलोटा, पंकज बेरी, राजा हसन, एहसान कुरेशी व इतर पाहुणे चित्रपट ‘द हंड्रेड बक्स’ पाहण्यासाठी आले

दिग्दर्शक दुष्यंत प्रताप सिंग यांनी अंधेरी येथील सिनेपोलिस सिनेमा मध्ये आपला पहिला हिंदी सिनेमा ‘द हंड्रेड बक्स’ चा स्पेशल शो आयोजित केला होता, तेथे चित्रपटांतील कलाकार आणि पाहुण्यांना आमंत्रित केले होते.  आलेल्या कलाकारांमध्ये होते -- कविता त्रिपाठी, ज़ैद शेख, कंपोजर संतोख सिंग, पदमश्री अनूप जलोटा, सुनील पाल, एहसान कुरेशी, राजा हसन, पंकज बेरी, शहज़ाद ख़ान, साहिल, बॉक्स सिनेमाचे पवन शर्मा आणि इतर सुप्रसिद्ध लोक. सर्वांनी चित्रपटांतील कलाकार आणि दिग्दर्शकाला शुभेच्छा दिल्या.

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने शीर्ष हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी की किताब का मराठी अनुवाद जारी किया

महाराष्ट्र के टूरिज्म और पर्यावरण मंत्री श्री आदित्य ठाकरे ने पिछले दिनों मुंबई के मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में, शीर्ष हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी की एक किताब ‘स्टाइलिंग एट द टॉप’ के मराठी संस्करण का विमोचन किया, शिवराम भंडारी को शिवा के रूप में जाना जाता है।

श्री अमिताभ बच्चन द्वारा अंग्रेजी संस्करण के सफल लांच के बाद यह तीसरी ऐसी पुस्तक है। आपको बता दें कि इससे पहले कर्नाटक के धर्मशाला के पद्म विभूषण श्री वीरेन्द्र हेगड़े द्वारा इसका कन्नड़ अनुवाद भी जारी किया गया था।

आदित्य ने शिवाज के ब्रांड नाम के तहत 20 सैलून की श्रृंखला चलाने वाले शिव की बेजोड़ और विनम्र विशेषताओं की प्रशंसा की, और उम्मीद की कि युवा इनसे प्रेरित और प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने अपने दादा, श्री बालासाहेब ठाकरे के समय से ठाकरे परिवार के साथ साझा किए गए उनके जुड़ाव को याद किया।
आदित्य ने नए उद्यमियों को सलाह दी कि  "काम करते रहो, ज़मीन पर जमे रहो और आगे बढ़ो।" उन्होंने कहा, "इस तरह की आत्मकथाएं लिखी जानी चाहिए ताकि लोगों को उस संघर्ष के बारे में पता चले जो तरक्की में लगता है, सिर्फ ग्लैमर देखा जाता है, लेकिन लोग उस कठिन परिश्रम से अनजान होते हैं जो यहां तक पहुंचने से पहले लगता है।" उन्होंने इस मराठी पुस्तक की सफलता की कामना की।

यह पुस्तक लगन और दृढ़ संकल्प के बारे में है कि किस तरह शिवा को असंख्य बाधाओं के खिलाफ कई संघर्षों से गुजरना पड़ा। यह कहानी बताती है कि कैसे शिवा ने एक छोटी सी नाई की दुकान से अपना रास्ता बनाया, जिसे उन्होंने लगभग 32 साल पहले मुंबई में स्थापित किया था। आज शिवा के सिग्नेचर सैलून एक ब्रांड बना गए है जहां सेलिब्रिटीज भी आते है और त्वचा और बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स भी हैं जिन्हें शिवा का ट्रेंड्स कहा जाता है।

स्टाइलिंग ऑफ द टॉप, द जर्नी ऑफ शिवा, बॉलीवुडस सेलिब्रेटेड हेयरस्टाइलिस्ट नामक पुस्तक पत्रकार जयश्री शेट्टी द्वारा लिखी गई है और मराठी में डॉ सुचिता नंदापुरकर-फड़के द्वारा अनुवादित है। अंग्रेजी संस्करण मंजुल पब्लिशिंग हाउस की एक शाखा, एमारिलिस द्वारा प्रकाशित किया गया है, जिससे मराठी अनुवाद हुआ है। अंग्रेजी, मराठी और कन्नड़ तीनों संस्करण किताबों की दुकानों में और ऑनलाइन उपलब्ध हैं। हिंदी और गुजराती संस्करण भी जल्द सामने आने वाले हैं।

महाराष्ट्राचे कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने टॉप हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी यांच्या पुस्तकाचे मराठी आवृत्तीचे प्रकाशन केले.

महाराष्ट्राचे टूरिज्म आणि पर्यावरण मंत्री श्री आदित्य ठाकरे ने काही दिवसापूर्वी मुंबईत मंत्रालयामध्ये आयोजित एका समारंभात, टॉप हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी यांचे पुस्तक ‘स्टाइलिंग एट द टॉप’ चे मराठी आवृत्तीचे प्रकाशन केले, शिवराम भंडारी यांना शिवा म्हणून ओळखले जाते.

श्री अमिताभ बच्चन द्वारा इंग्रजी आवृत्तीच्या यशस्वी लांच नंतर हे तीसरे असे पुस्तक आहे. आपणास सांगतो की कर्नाटकच्या धर्मशाला येथील पद्म विभूषण श्री वीरेंद्र हेगडे यांनी यापूर्वीच कन्नड भाषेत अनुवाद देखील केला आहे.
आदित्य ने शिवाज ह्या ब्रांड नावाने २० सैलूनची श्रृंखला चालविणा-या शिवाच्या अद्वितीय आणि नम्र खासियचे कौतुक केले आणि युवकांना त्यांच्याकडून प्रेरणा व प्रोत्साहन मिळेल अशी आशा व्यक्त केली. त्यांना आपले आजोबा, श्री बाळासाहेब ठाकरे कुटुंबाशी असलेल्या काळापासूनचा संबंध आठवला.

आदित्यने नवीन उद्योजकांना असा सल्ला दिला कि "काम करत रहा, जमिनीवर रहा आणि पुढे जा". ते म्हणाले, ‘अशा प्रकारच्या आत्मकथा लिहिल्या पाहिजे, त्यामुळे लोकांना त्यांच्या संघर्षाबद्दल कळते, जे यशस्वी होण्यासाठी लागते, फक्त ग्लैमर पाहिले जाते, परंतु लोकांना त्या मागचे कठिण कष्ट दिसत नाही, जे त्यांना इथंपर्यंत पोहचण्यासाठी लागते". त्यांनी या मराठी पुस्तकाला यशस्वी होण्यासाठी शुभेच्छा दिल्या.

हे पुस्तक आवड आणि दृढनिश्चयाबद्दल आहे कि कशा प्रकारे शिवाला असंख्य अडथळ्यांविरूद्ध अनेक संघर्षांतून कसे जावे लागले. ही कथा सांगते की कशा प्रकारे शिवाने एका लहाणश्या नाईच्या दुकानातून आपला मार्ग बनविला, जो त्यांने जवळजवळ ३२ वर्षापूर्वी मुंबईत स्थापित केला होता. आज शिवाचा सिग्नेचर सैलून एक ब्रांड बनला आहे, जेथे सेलिब्रिटीज देखील येतात आणि त्वचा व केसांची काळजी घेण्यासाठी प्रोडक्ट्स देखील आहेत, ज्याला शिवाचा ट्रेंड्स बोलले.
स्टाइलिंग ऑफ द टॉप, द जर्नी ऑफ शिवा, बॉलीवुडस सेलिब्रेटेड हेयरस्टाइलिस्ट नावाचे पुस्तक पत्रकार जयश्री शेट्टी द्वारा लिहिले गेले आहे आणि मराठीत डॉ सुचिता नंदापुरकर-फड़के द्वारा अनुवादित आहेत. अंग्रेजी आवृत्ती मंजुल पब्लिशिंग हाउसची एक शाखा, एमारिलिस द्वारा प्रकाशित केले गेले आहे, ज्याचे मराठीत भाषांतर झाले आहे. अंग्रेजी, मराठी आणि कन्नड़ तीन ही आवृत्तीची पुस्तके दुकानात आणि ऑनलाइन मध्ये उपलब्ध आहेत. हिंदी आणि गुजराती आवृत्ती लवकरच येणार आहे.

बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

विष्णुप्रिया सिंह ने अपनी क़िताब ‘द हंड्रेड बक्स’ फ़िल्म के कलाकारों के साथ लांच की

विष्णुप्रिया सिंह जो अभी १७ साल की हैं, इन्होने ये कहानी लिखी है।  संभवत: ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी किताब के रिलीज़ होने से पहले ही किताब पर फ़िल्म बनाने के अधिकार बिक गए और यह कहानी द हंड्रेड बक्स के साथ प्रतीत हुई! दुष्यंत प्रताप सिंह द्वारा निर्देशित द हंड्रेड बक्स डबल धमाल के लिए बिल्कुल तैयार है। फ़िल्म के कलाकारों कविता त्रिपाठी, जैद शेख, संगीतकार संतोख सिंह के साथ ये क़िताब का विमोचन हो चूका है और २१ फरवरी को फिल्म भी रिलीज हो रही है।

“मेरी बेटी, विष्णुप्रिया सिंह, जो एक बेहतरीन लेखिका भी है, मुझे आश्चर्य था कि इतनी कम उम्र में वह एक ऐसे विषय पर लिख सकती है जो दिल छूने वाली, यथार्थवादी और शानदार हो। जब मैंने पहली बार कहानी सुनी तो मुझे यकीन था कि यह एक फिल्म में आने लायक है और जैसा कि कहावत है, बाकी सब इतिहास है।” ऐसा एक प्राउड फादर कहते हैं जो इस फिल्म के निर्माता भी हैं दुष्यंत प्रताप सिंह। व मुख्य निर्माता रजनीश राम पुरी है।
द हंड्रेड बक्स की कहानी मुम्बई में एक रात की स्टोरी है, जो मोहिनी नाम की एक वेश्या और उसके ऑटोड्राइवर के इर्द-गिर्द घूमती है। वे पैसे के लिए ग्राहकों को खोजने में पूरी रात संघर्ष करते हैं, पुलिस, राजनेताओं आदि के साथ केवल १०० रुपये के लिए सौदा करते हैं, यह फिल्म इस बारे में है। यह उन महिलाओं के जीवन और दुखों की एक गंभीर कहानी है, जो पैसे कमाने के लिए ऐसे साधनों का चयन करती हैं, लेकिन उनके संघर्ष का कोई अंत नहीं है। इस फ़िल्म का सह-निर्माण संदीप पुरी, विभव तोमर, प्रतिमा तोतला और रीतू सिंह ने किया है।


https://www.youtube.com/watch?v=HCUAEp1Zdf4

 https://www.youtube.com/watch?v=qJwpMV6mAtQ

विष्णुप्रिया सिंग ने आपले पुस्तक ‘द हंड्रेड बक्स’ चित्रपटांतील कलाकारांसोबत लांच केले

 विष्णुप्रिया सिंग, ही आता १७ वर्षाची आहे, तीने ही कथा लिहिली आहे. कदाचित ही पहिलीच वेळ आहे कि पुस्तक प्रकाशन करण्यापूर्वी पुस्तकावर आधारित चित्रपट बनविण्याचे हक्क विकले गेले आणि ही कथा ‘द हंड्रेड बक्स’ सोबत आली आहे. दुष्यंत प्रताप सिंग द्वारा निर्मित आणि दिग्दर्शित ‘द हंड्रेड बक्स’ डबल धमाका करण्यासाठी तयार आहे. चित्रपटांतील कलाकार कविता त्रिपाठी, जैद शेख, संगीतकार संतोख सिंग  यांच्या सोबत पुस्तक प्रकाशित करण्यात आले आणि २१ फेब्रुवारी रोजी हा सिनेमा प्रदर्शित देखील होत आहे.

“माझी मुलगी, विष्णुप्रिया सिंग, जी एक उत्तम लेखिका देखील आहे, मला आश्चर्य होते कि इतक्या कमी वयात ती एका अशा विषयावर लिहू शकते, जे हद्याला स्पर्श करते, वास्तववादी आणि शानदार आहे. जेव्हा मी पहिल्यावेळी ही कथा ऐकली, तेव्हा मला वाटलेच नव्हते कि ही एका सिनेमासाठी अनुकूल आहे आणि जसे कि म्हटल्याप्रमाणे, बाकी सर्वकाही इतिहास आहे.” या चित्रपटाचे निर्माते आणि अभिमानी वडील म्हणजे दुष्यंत प्रताप सिंग आहेत. आणि मुख्य निर्माता रजनीश राम पुरी आहेत.

‘द हंड्रेड बक्स’ ची स्टोरी आहे मुंबईतील एका रात्रीची कथा, जी मोहिनी नावाची एक वेश्या आणि तिचा ऑटोड्राइवरच्या सभोवताली फिरते. ती पैशांसाठी रात्रभर ग्राहक शोधण्याचा संघर्ष करते, पोलिस, राजनेता इतरांसोबत फक्त १०० रुपयांत सौदा करते, हयाबद्दल सिनेमा आहे. अशा स्त्रियांच्या आयुष्यात आणि त्यांच्या संकटाची ती एक गंभीर कथा आहे, ज्या पैशांसाठी अशा साधनाचा उपयोग करतात, परंतु त्यांच्या संघर्षाचा शेवट नाही. ह्या चित्रपटांचे सह-निर्माता संदीप पुरी, विभव तोमर, प्रतिमा तोतला आणि रीतू सिंग आहेत.


https://www.youtube.com/watch?v=HCUAEp1Zdf4

 https://www.youtube.com/watch?v=qJwpMV6mAtQ

मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

फ़िल्म और टीवी जगत के लोगों को टॉप ५० इंडियन आइकॉन अवार्ड्स से सम्मानित किया गया


"टॉप 50 इंडियन आइकन अवार्ड" एक बहुत प्रतिष्ठित पुरस्कार है, माननीय नामांकित व्यक्ति को सम्मान किया गया है। उनके संबंधित कार्यश्रेत्रो में योगदान करने के लिए। हम कृतज्ञ हैं हमारी सभी जूरी सदस्यों का, उनका आभार व्यक्त करते हुए प्रमुख जूरी सदस्य डॉक्टर रितू सिंग,  सिमर भाटिया,  विभव तोमर, कुमार गणेश, विवेक जैन, संतोष भारतीय, राजेन्द्र जैन, अतुल मोहन, स्वीटी वालिया, मनीष अवस्थी, डॉक्टर खुशबू कादरी, महामंडलेश्वर मार्तंड पुरी, व उपरोक्त अवार्ड के निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह। अर्चना कोचर, भाभी जी घर पे हैं सीरियल की शुभांगी अत्रे, तरनजीत कौर, जानवी सिंह, शाहिद सैयद, ब्राईट आउटडोर के डॉक्टर योगेश लखानी,  पवन शर्मा,  त्विशा शर्मा, टीवी स्टार फैसल खान,  संजय खंडूरी,  प्रदीप शाह, संगीतकार समीर सेन, एक्ट्रेस एकता जैन, रवि धनकर,  राजकुमार कनोजिया,  वेद प्रकाश, डॉक्टर शवेता गर्ग, डिस्ट्रीब्यूटर मनोज नंदवाना, ज्योति श्रिपाठी, राजू गवली, जय विजय सरैया,  मुक्ता दुबे,  सोना खान, डॉक्टर स्वराज्य सिंह, बिजेन्द्भ प्रताप मिश्रा, राज दत्त, सीमा कुमार, इंडिया न्यूज़ के अभिषेक शर्मा, केशर सिंह बिष्ट,  मुहम्मद मुजफ्फर, आजतक के टीवी शो सास बहु और बेटियां के अमित त्यागी, डॉक्टर श्रीदेवी रेड्डी डूंपा, संगीतकार संतोख सिंह, विजय सुरसे, निर्माता गोविन्द उभे, डॉक्टर मोनिका साईं, राज विश्वकर्मा, राजेश कुमार, खुशी हेगड़े, अर्श मोहम्मद, नीरज पांडे और अन्य लोगों की अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवार्ड में संतोख सिंह और दुष्यंत सिंह ने अपनी आनेवाली फ़िल्म `द हंड्रेड बक्स` का गीत भी गाया। फ़िल्म २१ फरवरी को रिलीज़ होगी।

सिनेमा व टीवीच्या दुनियेतील लोकांना टॉप ५० इंडियन आइकॉन अवार्ड्स देऊन सन्मानित करण्यात आले

"टॉप 50 इंडियन आइकन अवार्ड" एक फार मोठा प्रतिष्ठित पुरस्कार आहे, माननीय नामनिर्देशित व्यक्तीचा सन्मान करण्यात आला आहे. त्यांच्या संबंधित कार्यक्षेत्रात योगदान देण्यासाठी. आम्ही आमच्या सर्व ज्युरी सदस्यांचे आभार मानतो, त्यांचे आभारी आहोत प्रमुख जूरी सदस्य डॉक्टर रितू सिंग,  सिमर भाटिया,  विभव तोमर, कुमार गणेश, विवेक जैन, संतोष भारतीय, राजेन्द्र जैन, अतुल मोहन, स्वीटी वालिया, मनीष अवस्थी, डॉक्टर खुशबू कादरी, महामंडलेश्वर मार्तंड पुरी  व ह्या अवार्डचे दिग्दर्शक दुष्यंत प्रताप सिंग. अर्चना कोचर, सीरियल ‘भाभी जी घर पे हैं’ मधील शुभांगी अत्रे, तरनजीत कौर, जानवी सिंग, शाहिद सैयद, ब्राईट आउटडोर चे डॉक्टर योगेश लखानी,  पवन शर्मा,  त्विशा शर्मा, टीवी स्टार फैसल खान,  संजय खंडूरी,  प्रदीप शाह, संगीतकार समीर सेन, एक्ट्रेस एकता जैन, रवि धनकर,  राजकुमार कनोजिया,  वेद प्रकाश, डॉक्टर शवेता गर्ग, डिस्ट्रीब्यूटर मनोज नंदवाना, ज्योति श्रिपाठी, राजू गवली, जय विजय सरैया,  मुक्ता दुबे,  सोना खान, डॉक्टर स्वराज्य सिंह, बिजेन्द्भ प्रताप मिश्रा, राज दत्त, सीमा कुमार, इंडिया न्यूज़ चे अभिषेक शर्मा, केशर सिंह बिष्ट,  मुहम्मद मुजफ्फर, आजतक वरील टीवी शो सास बहु और बेटियां चे अमित त्यागी, डॉक्टर श्रीदेवी रेड्डी डूंपा, संगीतकार संतोख सिंग, विजय सुरसे, निर्माता गोविन्द उभे, डॉक्टर मोनिका साईं, राज विश्वकर्मा, राजेश कुमार, खुशी हेगड़े, अर्श मोहम्मद, नीरज पांडे व इतर लोकांना अवार्ड देऊन सन्मानित करण्यात आले. ह्या अवार्ड मध्ये संतोख सिंग आणि दुष्यंत सिंग यांनी आपला नवा सिनेमा `द हंड्रेड बक्स` मधील गाणं देखील गायले. हा सिनेमा २१ फेब्रुवारी रोजी प्रदर्शित होत आहे.

शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

कविता त्रिपाठी से बॉलीवुड़ मार्केट के संपादक शंकर मराठे ने बातचीत की

मोहिनी नाम की एक वेश्या बनी कविता त्रिपाठी

मॉडल से अभिनेत्री बनी कविता त्रिपाठी ने दुष्यंत प्रताप सिंह द्वारा निर्मित और निर्देशित फिल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ में मुख्य भूमिका निभाई है और यह फिल्म २१ फरवरी को रिलीज होने वाली है। यह एक वूमेन ओरिएंटेड फिल्म है। इस फिल्म में निभाए गए अपने किरदार के बारे में कविता त्रिपाठी से बॉलीवुड़ मार्केट के संपादक शंकर मराठे ने बातचीत की।

बॉलीवुड़ इंडस्ट्री में आपकी किस तरह से एंट्री हुई और यह फिल्म कैसे मिली ?
-- वैसे तो मैं मूलतः बिहार से हूं और एक सर्वसाधारण परिवार से हूं। बचपन से ही मुझे अभिनय करने का शौक था और फिल्में देखते हुए मेरे मन में अभिनेत्री बनने की इच्छा थी, लेकिन घरवालों का कहना था कि पहले पढ़ाई पूरी करो। मैं पढ़ाई कम्पलिट करने के लिए बैंगलुरू गई और फिर वहां से बीबीएम की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद वहां से दो साल बाद मुंबईनगरी में पहुंच गई। मुंबई आने के बाद न्यूजपेपर के लिए मॉडेलिंग की और थिएटर में काम भी किया। इसके अलावा निर्देशकों से मिलना-जुलना शुरु था और फिल्म में एक्टिंग करने के लिए कई बार ऑडिशन भी दिया। इसी सिलसिलें में मेरी मुलाकात निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह से हुई और उनको फिल्म के लिए नए चेहरे की जरुरत थी। उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और फिल्म का ऑफर दिया।

फिल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ में किस टाइप का रोल निभाया है और स्टोरी क्या है ?
-- ‘द हंड्रेड बक्स’ की स्टोरी मुंबई में एक रात की स्टोरी है, जो मोहिनी नाम की एक वेश्या और उसके ऑटोड्राइवर के इर्द-गिर्द घूमती है। वे पैसे के लिए ग्राहकों को खोजने में पूरी रात संघर्ष करते हैं, पुलिस, राजनेताओं आदि के साथ केवल १०० रुपये के लिए सौदा करते हैं। यह उन महिलाओं के जीवन और दुखों की एक गंभीर कहानी है, जो पैसे कमाने के लिए ऐसे साधनों का चयन करती हैं, लेकिन उनके संघर्ष का कोई अंत नहीं है।

मोहिनी का रोल निभाने के लिए आपने किस तरह की तैयारी की थी ?
-- इस फिल्म में मोहिनी नाम की एक वेश्या का रोल निभाना मेरे लिए तो एक बड़ा चैलेंज था। वैसे तो मुझे कभी सेक्स वर्कर के जीवन के बारे में पता नहीं था। फिल्म ‘चमेली’ में करीना कपूर व ‘चांदनी बार’ तब्बू ने इसी टाइप का रोल निभाया था और मैंने उनकी बॉडी लैंग्वेज पकड़ने की पूरी कोशिश की है। साथ ही निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह ने यह रोल निभाने के लिए काफी सपोर्ट किया और फिर मैंने धमाके के साथ मोहिनी का रोल निभाया है।

इस फिल्म से किस तरह का मैसेज महिलाओं को मिलने वाला है ?
-- फिल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ में वूमन के सम्मान की बात की है और यही संदेश है। एक वेश्या इस प्रोफेशन में आने से पहले एक महिला है और उसको सम्मान मिलना चाहिए।

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

ब्राइट आउटडोर के योगेश लखानी ने कमलेश शाह और भावेश शाह के साथ ट्रैवल बैग की नई रेंज लॉन्च की

"हाल ही में, हमने 2Strap ब्रांड का अधिग्रहण किया है। ब्रांड 2strap का हमारा मकसद नए फैशन और सस्ती कीमतों वाले उत्पाद देना है। ब्रांड का स्लोगन जीवन की यात्रा से जुड़ता है, जहां हम में से प्रत्येक एक यात्री है और यात्रा करते समय हम आवश्यक चीजों को रखते हैं। यात्रा का अलग अलग उम्र में अलग अलग अर्थ होता है। एक बच्चे के रूप में, हम एक बैग में पुस्तकों का भार लेकर स्कूल की यात्रा करते हैं। कॉलेज में, हम न केवल किताबें बल्कि फैशन और पर्सनालिटी भी ले जाते हैं। काम के दौरान, हम अपने आवश्यक सामान को यात्रा में ले जाते हैं जो बहुत अनुभव के साथ आता है और हम 2strap के साथ उस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं।

हमें हाल ही में जर्मनी के ब्रांड "एयरलाइन" का पेटेंट लाइसेंस मिला है। यह जर्मन ब्रांड 1948 से फैशन डिजाइन और नए अविष्कार के लिए जाना जाता है। जर्मनी के प्रोडकट अपने परफेक्शन के लिए जाने जाते है।" ऐसा कहना है कमलेश शाह का।

हाल ही में एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी "न्यूकमर ग्रुप" ने इस जर्मन कंपनी में हिस्सेदारी खरीदी है। न्यूकमर ग्रुप और ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड के पास भारत में रिटेल बिजनेस की बड़ी योजना है जहां भारतीय उपभोक्ता को अच्छी गुणवत्ता वाले फैशनेबल प्रोडक्ट मिलेंगे।

ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने इंदौर स्थित एक कंपनी "ब्रांड कॉन्सेप्ट्स लिमिटेड" (BCL) के साथ हाथ मिलाया है, जो भारतीय बाजार के लिए टॉमी हिलफिगर और ग्लोबल देसी जैसे विभिन्न भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों का लाइसेंस रखती है। ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने भारत के पश्चिमी क्षेत्र के लिए डिस्ट्रीब्यूशन अधिकार लिया है। ट्रैवलर्स फैशन संयुक्त रूप से BCL के साथ भारत के पश्चिमी भाग में इन ब्रांडों को लगेज और एसेसरीज के क्षेत्र में और प्रोमोट करेगी।

ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड का नेतृत्व कमलेश शाह कर रहे हैं जो कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं और कंपनी के सीईओ पियूष पुष्कर अपने वेंचर को न केवल लाभदायक बनाने के लिए तैयार हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था में योगदान देने का इरादा भी रखते हैं। ब्राइट आउटडोर प्राइवेट लिमिटेड के डॉ योगेश लखानी और मातोश्री जयाबेन हिम्मतलाल शाह चैरिटेबल ट्रस्ट के भावेश शाह इस कंपनी में निदेशक हैं। जैसे-जैसे ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बढ़ेगी, यह कार्यालय, गोदाम, रिटेल स्पेस आदि खोले गी और यह भारत की बहुत सारी युवा प्रतिभाओं को अवसर देगी।

Yogesh Lakhani of Bright Outdoor launched new range of travel bag with Kamlesh Shah and Bhavesh Shah

“Recently, we have acquired the brand 2Strap.  Our motive for the brand 2strap is to give products with new fashion and affordable prices. The brand slogan says Life between” connects to the journey of life, where each one of us is a traveler and while traveling we carry essential things while on the move. This travel has a different meaning at a different age. As a child, we travel home to school carrying loads of books in a bag. In college, we not only carry books but also fashion and personality. At work, we carry our essential tools like in the journey which comes with a lot of experience and we at 2strap want to be a part of that journey.

We have recently patent license of Germany-based brand “Airline”. German Industrial brand with fashion design, innovation, and technology, since 1948. Germans are known for the product which is perfectly engineered so as the brand. Recently one of the biggest manufacturing Company”Newcomer Group” has bought a stake in the German company. Newcomer Group and Travellers Fashion Private Limited have a big plan for the retail business in India where the Indian consumer gets fashionable products with good quality.

Travellers Fashion Private Limited has also joined hands with an Indore based company “Brand Concepts Limited” (BCL) who holds the license of various Indian and International brands like Tommy Hilfiger and Global Desi for the Indian market. Travellers Fashion Private Limited has taken a distribution right for the western zone of India. Travellers Fashion will jointly promote along with BCL to the western part of India these brands into luggage and accessories .

Travellers Fashion Private Limited headed by Mr. Kamlesh Shah who is the managing director of the company and Mr. Piyush Pushkar company CEO are all set to make their venture not only profitable but also with the intention to give contribution to the economy . Dr. Yogesh Lakhani of Bright Outdoor Pvt Ltd and Bhavesh Shah of Matoshree Jayaben Himmatlal Shah Charitable Trust are Directors in the Company . As Travellers Fashion Private Limited will grow it will open offices, warehouse, retail space, etc and it will give opportunity to lot of youth talent in India.

ब्राइट आउटडोरचे योगेश लखानी यांनी कमलेश शाह व भावेश शाह सोबत ट्रैवल बैगची नवीन रेंज लॉन्च केली

"अलीकडे, आम्ही 2Strap ब्रांड अधिग्रहण केले आहे. आमच्या ब्रांड 2strap उद्दीष्ट आहे नवीन फैशन आणि परवडणार्या  किंमतींसह उत्पादने वितरित करणे. ब्रांडचा स्लोगन जीवनाच्या प्रवासासोबत जोडलेला आहे, जेथे आम्ही पहिल्यापासून एक यात्री आहोत आणि यात्रा करते वेळी आपण आवश्यक वस्तु ठेवतो. वेगवेगळ्या वयोगटात प्रवास करण्याचा वेगवेगळा अर्थ असतो. मुले लहान असताना आपल्या बैगमध्ये पुस्तकांचा भार घेऊन शाळेत जातात. कॉलेजमध्ये, आपण फक्त पुस्तके घेऊन जात नाहीच, तर फैशन आणि पर्सनालिटी देखील घेऊन जातो. कामाच्या ठिकाणी, आपण आपले आवश्यक सामान यात्रा करताना घेऊन जातो, जे फार अनुभवाने येते आणि आपण 2strap सोबत त्या यात्रेचा एक भाग होऊ इच्छितो.

नुकतेच आम्हांला जर्मनी येथील ब्रांड "एयरलाइन" चा पेटेंट लाइसेंस मिळाले आहे. हा जर्मन ब्रांड 1948 पासून फैशन डिजाइन आणि नविन अविष्कारांसाठी ओळखला जातो. जर्मनी मधील प्रोडक्ट आपले परफेक्शनसाठी ओळखले जाते." असे कमलेश शाह सांगतात.
नुकतेच एक मोठी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी "न्यूकमर ग्रुप" ने ह्या जर्मन कंपनीची हिस्सेदारी खरीदी केली आहे. न्यूकमर ग्रुप आणि ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड सोबत भारतात रिटेल बिजनेस करण्याची मोठी योजना आहे, जेथे भारतीय ग्राहकांला उत्कृष्ट गुणवत्ता असलेले फैशनेबल प्रोडक्ट मिळणार आहे.

ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने इंदौर स्थित एक कंपनी "ब्रांड कॉन्सेप्ट्स लिमिटेड" (BCL) सोबत भागीदारी केली आहे, जी भारतीय बाजारासाठी टॉमी हिलफिगर आणि ग्लोबल देशी सारख्या वेगवेगळ्या भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडचे लाइसेंस ठेवते. ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने भारतातील पश्चिमी क्षेत्रासाठी डिस्ट्रीब्यूशन हक्क घेतले आहेत. ट्रैवलर्स फैशन संयुक्त रूपाने BCL सोबत भारतातील पश्चिमी भागात ह्या ब्रांडच्या लगेज आणि एसेसरीज क्षेत्रात आणि प्रोमोट करणार आहे.

ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेडचे नेतृत्व कमलेश शाह करत आहे, जे कंपनीचे व्यवस्थापकीय संचालक आहेत आणि कंपनीचे सीईओ पियूष पुष्कर आपल्या वेंचरला फक्त फायदेशीर बनविण्यासाठी तयार नाही, तर अर्थव्यवस्थेत हातभार लावण्याचा देखील त्यांचा विचार आहे. ब्राइट आउटडोर प्राइवेट लिमिटेडचे डॉ योगेश लखानी आणि मातोश्री जयाबेन हिम्मतलाल शाह चैरिटेबल ट्रस्टचे भावेश शाह हया कंपनीचे डायरेक्टर आहेत. जस-जशी ट्रैवलर्स फैशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी प्रगती करेल, कार्यालय, गोदाम, रिटेल स्पेस इतर बाबी  उघडेल आणि हे भारतातील अनेक युवा प्रतिभेला संधी देईल.

बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

मुम्बई की एक वेश्या और उसके ऑटोड्राइवर की कहानी है फिल्म "द हंड्रेड बक्स"

संभवत: ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी किताब के रिलीज़ होने से पहले ही किताब पर फ़िल्म बनाने के अधिकार बिक गए और यह कहानी द हंड्रेड बक्स के साथ प्रतीत हुई! दुष्यंत प्रताप सिंह द्वारा निर्मित और निर्देशित द हंड्रेड बक्स डबल धमाल के लिए बिल्कुल तैयार है। २१ फरवरी को न केवल फिल्म रिलीज हो रही है, बल्कि फिल्म रिलीज के सिर्फ एक हफ्ते पहले इसी नाम से एक पुस्तक भी रिलीज होगी!

“मेरी बेटी, विष्णुप्रिया सिंह, जो एक बेहतरीन लेखिका भी है, मुझे आश्चर्य था कि इतनी कम उम्र में वह एक ऐसे विषय पर लिख सकती है जो दिल छूने वाली, यथार्थवादी और शानदार हो। जब मैंने पहली बार कहानी सुनी तो मुझे यकीन था कि यह एक फिल्म में आने लायक है और जैसा कि कहावत है, बाकी सब इतिहास है।”
ऐसा एक प्राउड फादर कहते हैं जो इस फिल्म के निर्माता भी हैं दुष्यंत प्रताप सिंह। व मुख्य निर्माता रजनीश राम पुरी है।

द हंड्रेड बक्स की कहानी मुम्बई में एक रात की स्टोरी है जो मोहिनी नाम की एक वेश्या और उसके ऑटोड्राइवर के इर्द-गिर्द घूमती है। वे पैसे के लिए ग्राहकों को खोजने में पूरी रात संघर्ष करते हैं, पुलिस, राजनेताओं आदि के साथ केवल १०० रुपये के लिए सौदा करते हैं, यह फिल्म इस बारे में है। यह उन महिलाओं के जीवन और दुखों की एक गंभीर कहानी है जो पैसे कमाने के लिए ऐसे साधनों का चयन करती हैं लेकिन उनके संघर्ष का कोई अंत नहीं है।

फिल्म ने कई फिल्म समारोहों के दौरों को अंजाम दिया है और उन्हें जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। विशेष रूप से मॉडल से अभिनेत्री बनी कविता त्रिपाठी की काफी तारीफ हुई जिन्होंने फिल्म में मोहिनी का शक्तिशाली चित्रण किया। २१ फ़रवरी को रिलीज़ होने वाली इस फ़िल्म का सह-निर्माण संदीप पुरी, विभव तोमर, प्रतिमा तोतला और रीतू सिंह ने किया है।

The Hundred Bucks – Double Whammy Release – Book and Film




Probably in a first of sorts, the film rights of a book got sold even before the book hit the stands and that seems to be the story with The Hundred Bucks! Dushyant Pratap Singh produced and directed The Hundred Bucks is all set for a double whammy . Not only is the movie releasing on the 21st of February, but this gritty cinema will also see a book releasing by the same name just a week short of the film release!

“My daughter, Vishnupriya Singh, who also happens to be a terrific writer and I was surprised that at such a young age she could write on a subject that’s heart-wrenching, realistic and terrifying all at once. When I first heard the story I was sure that this deserves to be made into a film and as they say, the rest is history,” says a proud father and also the producer of the film Dushyant Pratap Singh.

The Hundred Bucks is the story of 1 night in Mumbai revolving around Mohini, a prostitute and her autodriver. How they struggle the whole night finding customers for money, deal with cops, politicians etc only to end up with a meagre 100 bucks at the end of it all is what this film is about. It’s a gritty tale of the lives and miseries of women who choose such means to make money but even at that their struggle is no end.

The film has done the rounds of many film festivals and have received thunderous response. Especially for the powerful portrayal of Mohini essayed by model turned actress Kavita Tripathi. Releasing on 21st, the film has been co-produced by Sandeep Puri, Vibhav Tomar , Pratima Totla and  Ritu Singh.

द हंड्रेड बक्स - डबल धमाका रिलीज़ - पुस्तक आणि सिनेमा




मुंबईची एक वेश्या आणि तिच्या ऑटोड्राइवरची कथा आहे सिनेमा "द हंड्रेड बक्स"

कदाचित ही पहिलीच वेळ आहे कि पुस्तकाच्या प्रकाशन करण्यापूर्वी पुस्तकावर आधारित चित्रपट बनविण्याचे हक्क विकले गेले आणि ही कथा ‘द हंड्रेड बक्स’ सोबत आली आहे. दुष्यंत प्रताप सिंग द्वारा निर्मित आणि दिग्दर्शित ‘द हंड्रेड बक्स’ डबल धमाका बिल्कुल तयार आहे. २१ फेब्रुवारी रोजी हा सिनेमा फक्त प्रदर्शित होतच नाही तर सिनेमा रिलीजच्या एक आठवडा अगोदर ह्याच नावाने पुस्तक देखील प्रकाशित होत आहे.


“माझी मुलगी, विष्णुप्रिया सिंग, जी एक उत्तम लेखिका देखील आहे, मला आश्चर्य होते कि इतक्या कमी वयात ती एका अशा विषयावर लिहू शकते, जे हद्याला स्पर्श करते, वास्तववादी आणि शानदार आहे. जेव्हा मी पहिल्यावेळी ही कथा ऐकली, तेव्हा मला वाटलेच नव्हते कि ही एका सिनेमासाठी अनुकूल आहे आणि जसे कि म्हटल्याप्रमाणे, बाकी सर्वकाही इतिहास आहे.”

या चित्रपटाचे निर्माते आणि अभिमानी वडील म्हणजे दुष्यंत प्रताप सिंग आहेत. आणि मुख्य निर्माता रजनीश राम पुरी आहेत.

द हंड्रेड बक्स ची कथा आहे मुंबईमधील एका रात्रीची स्टोरी, जी मोहिनी नावाची एक वेश्या आणि तिचा ऑटोड्राइवरच्या सभोवताली फिरते. ती पैशांसाठी रात्रभर ग्राहक शोधण्याचा संघर्ष करते, पोलिस, राजनेता इतरांसोबत फक्त १०० रुपयांत सौदा करते, हयाबद्दल सिनेमा आहे. अशा स्त्रियांच्या आयुष्यात आणि त्यांच्या संकटाची ती एक गंभीर कथा आहे, ज्या पैशांसाठी अशा साधनाचा उपयोग करतात, परंतु त्यांच्या संघर्षाचा शेवट नाही. हया चित्रपटाने अनेक चित्रपट महोत्सवांमध्ये भाग घेतला असून या चित्रपटाला जबरदस्त प्रतिसाद मिळाला आहे. खासकरुन मॉडेलची अभिनेत्री बनलेली कविता त्रिपाठीची फारच प्रशंसा झाली, जिने ह्या चित्रपटांत मोहिनीचे कैरेक्टर दमदारपणे साकारले आहे. २१ फेब्रुवारी रोजी रिलीज़ होणा-या ह्या चित्रपटांचे सह-निर्माता संदीप पुरी, विभव तोमर, प्रतिमा तोतला आणि रीतू सिंग आहेत.

रविवार, 9 फ़रवरी 2020

Film & TV Stars Visited Flower Show & Exhibition At Jijamata Udyaan, (Ranibaug)

Every year, Brihan Mumbai Municipal Corporation’s (BMC) gardens department arranges a flower show and exhibition at the Byculla Zoo. Jitendra Pardeshi ,Superintendent of Garden invited celebs from Film and TV industry and guest to visit this Flower show .

Since the year 2016, the civic body has been organizing this flower show around a central theme. In 2019, the theme was around various classical instruments and aquatic creatures in 2018. Cartoon characters were created using topiary in 2017 and ‘Clean Mumbai’ was the central theme when themes were introduced first back in 2016.

Back then around 50,000 people had visited this 3-day February Annual Flower Show and within 2 years of time, this number increased a big amount to 1.5 lakh people. The annual Flower Show is celebrating its Silver Jubilee celebrations this year. To mark the festivities they have created gorgeous flower installations around the central theme of Mumbai. Historic monuments, symbols and places to visit in Mumbai is depicted through colourful, fresh floral installations.

Mumbai’s iconic Dabbawala is depicted using white beautiful flowers and the double-decker bus is also set up with red ones. Apart from these, a flower insallation of the Gateway of India will surely take your breath away. It’s majestic and has a patriotic charm to it thanks to the orange and white flowers at the top and green plants at the bottom. A shoe house , Tram , Butterfly and Penguin are also made with different types of flowers . Raveena Tandon , Shreyas Talpade, Padmini Kolhapure , Varsha Usgaonkar , Shivaji Satam , Ekta Jain , Cast of The Hundred Bucks – Kavita Tripathi, Dushyant Pratap Singh and Santok Singh are few guest who came to attend the Flower show. 
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Author Jatin Gupta On The Success Of Latest Book Kali Yuga: The Ascension


You really don’t need a big bang release to make it to the bestsellers! If it’s an enticing and inviting book, it will get off the shelves by its own merit! That’s what any upcoming writer can learn from author of the current popular read Kali Yuga: The Ascension, Jatin Gupta! In a candid Q & A session, the author spoke about his recent fiction release, how he switched from non fiction to fiction and lots more, excerpts below:

Despite not having a mega launch event, the book is selling like hot cakes. Did you anticipate this kind of response? We sold 2500 copies of Kali Yuga in one month and honestly, that’s no small feat. That too when it was a year end release; the time when people are mostly holidaying or busy with families, this book did the numbers. Was I expecting the response? Frankly, Yes, while I was developing this story the book turned out to be nothing like I have ever read before and every time I read it I got goosebumps. That made me feel we have something special in hand.
The Motion Posters of the book have seen a sensational response. How did this happen?We wanted to approach the book differently and once it was in the publishing process, we took a bold decision to give a visual dimension to many of the characters and scenes of the book. We used these sketches and converted them into 8 motion posters and the trailer for the book. Interestingly the visuals generated a fantastic traction leading to close to 2 million+ views, 2500 shares and 25000 reactions across Facebook and Instagram combined.  

What is Kali Yuga about?

So Kali Yuga: The Ascension as the name suggests is about Kali Yuga. It is a fantastical take imagined on what Kali Yuga holds for us and how will it happen. It is about how 5 out-cast clans guided by the Immortal Guru Parshuram will come together and usher the many changes in store.

The story unlike many other stories is not exactly mythology, the underlying arch is inclined towards fantasy with very few elements from Mythology. From debuting as an author with Non Fiction to the recent fiction release, was the transition easy? What was the difference in writing both?

Self help and management books are fact based there is very little scope with playing around with the basics of a concept or a premise. This however is not the case with fiction, it is an infinite canvas where the limiting factor is the distance till your imagination can go. Personally, I love writing fiction as I can virtually construct worlds in my mind, how ever I have realized that I can easily switch genres and that is may be because of the professional background I have.When not writing books, what is it that you do?I am a management professional presently working with a global gaming company named GVC. Prior to this I was working with an asset management company called Invesco. However predominant part of my professional life was spent with Deloitte in space of management consulting and marketing. 
Would we see this book take the shape of a movie?Honestly, a lot of people in the book circle have told me this is perfect material for a movie, the presentation is such. But I’ve mounted the book on a large scale and the movie too will have to live up to that to do justice to the story. I’d love to see a big shot filmmaker reach out to me for this book though! (laughs)

शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020

वर्षाताई गायकवाड के ४५ वें जन्मदिन के अवसर पर फिल्मी कलाकारों को सम्मानित

शालेय शिक्षण मंत्री व हिंगोली जिल्हा पालक मंत्री वर्षाताई गायकवाड के ४५ वें जन्मदिन के अवसर पर फिल्मी कलाकारों को सम्मानित किया।



धारावी के माटुंगा लेबर कैम्प स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर चौक में दक्षिण मध्य मुंबई जिल्हा कांग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित शालेय शिक्षण मंत्री व हिंगोली जिल्हा पालक मंत्री वर्षाताई गायकवाड के ४५ वें जन्मदिन के अवसर पर फिल्मस्टार किशोर बच्चाव का सम्मान किया गया। साथ ही फिल्मस्टार राजकुमार कजोनिया का भी सम्मान किया गया। वर्षाताई गायकवाड महिलाओं को साडी और स्कूल के बच्चों को बास्केटबॉल का किट भी दिए गए। इवेंट में उपस्थित सभी लोगों का ५०० लड्डू भी बांटे गए और ४५ किलो का केट काटकर वर्षाताई का जन्मदिन धूमधडाके के साथ मनाया गया। यह इवेंट धूमधाम से मनाने के लिए अभयभाऊ देठे (जिल्हा उपाध्याक्ष), महेंद्र साळवे (मुंबई जनरल सेक्रेटरी), आनंद लोंढे (वार्ड क्रंमाक १८९ अध्यक्ष), सचिन गायकवाड (जिल्हा उपाध्याक्ष), सुषमा देठे (महिला जिल्हा उपाध्याक्ष), शोभा मोरे और अन्य लोगों ने काफी मेहनत की।

Interview of Filmstar Kishore Bachhav


गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

फिल्मस्टार किशोर बच्चाव का सम्मान किया

धारावी के माटुंगा लेबर कैम्प स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर चौक में दक्षिण मध्य मुंबई जिल्हा कांग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित शालेय शिक्षण मंत्री व हिंगोली जिल्हा पालक मंत्री वर्षाताई गायकवाड के ४५ जन्मदिन के अवसर पर फिल्मस्टार किशोर बच्चाव का सम्मान किया गया। साथ ही फिल्मस्टार राजकुमार कजोनिया का भी सम्मान किया गया। वर्षाताई गायकवाड महिलाओं को साडी बांटा और स्कूल के बच्चों को बास्केटबॉल का किट भी बांटा। इवेंट में उपस्थित सभी लोगों का ५०० लड्डू भी बांटे गए और ४५ किलो का केट काटकर वर्षाताई का जन्मदिन धूमधडाके के साथ मनाया गया।

विश्व कैंसर दिवस पर एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन द्वारा बाइक रैली का आयोजन

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर, एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन ने कैंसर से लड़ने के लिए एक बाइक रैली का आयोजन किया, जिसमें कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के एक डिवीजन ओन्कोकेयर और बजाज एवेंजर्स बाइकर क्लब ने भी भाग लिया। मुंबई की सर्द सुबह बेहद सफल कैंसर जागरूकता बाइक रैली के लिए एकदम सही थी। बाइकर्स का उत्साह और सभी प्रतिभागियों की उर्जा बिजली जैसी तेज थी।

इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय थीम ''आई एम एंड आई विल' को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन ने फैसला किया कि हम कैंसर से लड़ेंगे और हम इसे हराएंगे… इस बाइक रैली का उद्देश्य इस संदेश को फैलाना और लोगों में जागरूकता पैदा करना था कि कैंसर कुछ ऐसा नहीं है, जिससे आपको डरना चाहिए बल्कि हमें उसका सामना करना चाहिए और उससे लड़ना चाहिए। हम यह भी जानते हैं कि शुरुआती जाँच से कैंसर को हराने की संभावना बेहतर होती है।

अनुमान बताते हैं कि 14 मिलियन कैंसर के मामले में से 8 मिलियन दुनिया भर में मर जाते हैं। इस रैली के माध्यम से हमने यह संदेश भी फैलाया कि प्रारंभिक देखभाल बहुत जरूरी है और इसे जाँच के समय पेश किया जाना चाहिए क्योंकि यह रोगी और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा।

यह रैली मुंबई के शिवाजी पार्क से शुरू हुई और वर्ली, पेडर रोड से होते हुए नरीमन प्वाइंट पर समाप्त हुई। 50 से अधिक बाइकर्स और कुल 100 प्रतिभागियों में मरीज और उनके परिजन शामिल थे, जिन्होंने इसमें हिस्सा लिया और संदेश फैलाने में मदद की। 

विश्व कैंसर दिनानिमित्त एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन द्वारा बाइक रैलीचे आयोजन करण्यात आले

विश्व कैंसर दिनानिमित्त एन के ढाभर कैंसर फाउंडेशन ने कैंसरशी सामना करण्यासाठी एका बाइक रैलीचे आयोजन केले होते, त्यामध्ये कैडिला फार्मास्यूटिकल्स मधील एक डिवीजन ओन्कोकेयर आणि बजाज एवेंजर्स बाइकर क्लब ने देखील भाग घेतला होता. मुंबईची पहाटेची थंडी कैंसर जागरूकता मोहिम बाइक रैलीसाठी एकदम उचित होती. बाइकर्सचा उत्साह आणि सर्व स्पर्धकांची ऊर्जा वेगवान होती.

ह्या वर्षी अंतर्राष्ट्रीय थीम ''आई एम एंड आई विल' वर लक्ष्य केंद्रीत करण्याचा निर्णय फाउंडेशन ने घेतला कि आम्ही कैंसरचा सामना करु आणि आम्ही त्याला हरवु…  ह्या बाइक रैलीचा उद्देश्य हा संदेश देण्याचा आणि लोकांमध्ये जागरुकता निर्माण करणे होता कि कैंसर काही असा नाही आहे, ज्यामुळे आपण घाबरले पाहिजे, परंतु आपण त्याचा सामना केला पाहिजे आणि त्याच्याबरोबर लढले पाहिले. आपणांस हे देखील माहित आहे कि सुरुवातीच्या तपासणीमुळे कैंसरचा पराभव होण्याची शक्यता सुधारते.

अंदाज आहे कि जगभरात कैंसरच्या केसमध्ये १४ मिलियनपैकी ८ मिलियनचा मृत्यू होतो. या रैलीच्या माध्यमातून आम्ही हा संदेशही प्रसारित केला कि सुरुवातीच्या काळात लवकर काळजी घेणे अत्यंत महत्वाचे आहे आणि तपासणीच्या वेळीच त्याची ओळख करुन दिली पाहिजे, कारण यामुळे रुग्ण आणि त्यांचे कुटुंब यांचे जीवनमान सुधारेल.

ही रैली मुंबई मधील शिवाजी पार्क पासुन सुरु झाली आणि और वरली, पेडर रोडहून पुढे नरीमन प्वाइंट येथे समाप्त झाली. ५० हून अधिक बाइकर्स आणि एकूण १०० स्पर्धकांमध्ये पेशंट आणि त्यांच्या कुंटुंबातील व्यक्ति सहभागी होते, त्यांनी ह्यामध्ये भाग घेतला आणि संदेश प्रसार करण्यास मदत केली.

बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

जतिन गुप्ता की बेस्ट सेलर "कलयुग" पर बन सकती है बॉलीवुड फिल्म

आपको वास्तव में बेस्टसेलर्स में जगह बनाने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर रिलीज़ की आवश्यकता नहीं है! यदि एक मोहक और उम्दा पुस्तक है, तो यह अपनी योग्यता से पाठकों के हाथो तक पहुंच जाएगी! यही कारण है कि कोई भी आगामी लेखक वर्तमान लोकप्रिय पुस्तक कलयुग : द असेंशन के लेखक जतिन गुप्ता से सीख सकता है। लेखक जतिन गुप्ता अपनी हालिया फिक्शन की किताब की सफलता से बेहद उत्साहित हैं। हालांकि उन्होंने गैर-फिक्शन से फिक्शन की ओर कदम बढ़ाया है।

मेगा लॉन्च इवेंट नहीं होने के बावजूद, यह पुस्तक हॉट केक की तरह बिक रही है। क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की आशा की थी? इस सवाल पर जतिन गुप्ता कहते हैं "हमने कलियुग की 2500 प्रतियां एक महीने में बेचीं और यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। वह भी तब जब यह साल के अंत में स्टॉल पे आई थी; उस समय जब लोग ज्यादातर छुट्टियां मना रहे होते हैं या परिवार के साथ व्यस्त होते हैं, इस पुस्तक ने रिकॉर्ड बनाए। क्या मुझे ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद थी? सच कहूँ तो, हाँ, जब मैं इस कहानी को विकसित कर रहा था तो किताब ऐसी निकली जैसी मैंने पहले कभी नहीं पढ़ी हो और हर बार जब मैंने इसे पढ़ा तो मुझे लगा कि हमारे हाथ में कुछ खास है।"
पुस्तक के मोशन पोस्टर को भी सनसनीखेज प्रतिक्रिया मिली है। ये कैसे हुआ? इस बारे में जतिन गुप्ता ने बताया "हम पुस्तक को अलग तरीके से देखना चाहते थे और जब यह प्रकाशन प्रक्रिया में थी, हमने पुस्तक के कई पात्रों और दृश्यों को एक आयाम देने का साहसिक निर्णय लिया। हमने रेखाचित्रों का उपयोग किया और उन्हें 8 मोशन पोस्टर और ट्रेलर में परिवर्तित किया। दिलचस्प बात यह है कि विजुअल्स ने शानदार प्रभाव उत्पन्न किया, जिसके कारण फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन से ज़्यादा व्यूज, 2500 शेयर और 25000 रिएक्शन सामने आ गए।"

किताब कलियुग के बारे में जतिन गुप्ता ने बताया कि जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह किताब कलयुग के बारे में है। कलियुग हमारे लिए क्या है और यह कैसे होगा, इस पर एक कल्पना है। कई अन्य कहानियों के विपरीत यह कहानी बिल्कुल पौराणिक नहीं है, बल्कि इसमें कहीं फैंटेसी भी है और पौराणिक कथाओं से बहुत कम तत्व हैं।"

नॉन फिक्शन के साथ एक लेखक के रूप में डेब्यू करने से लेकर हाल की फिक्शन रिलीज़ तक, दोनों के लेखन में क्या अंतर था? इस पर जतिन गुप्ता कहते हैं "सेल्फ हेल्प और मैनेजमेंट बुक्स वास्तविकता पर आधारित होती है और इसमें कांसेप्ट के इर्दगिर्द खेलने की गुंजाइश बहुत कम होती है। हालांकि फिक्शन के मामले में ऐसा नहीं है, यह एक अनंत कैनवास है, जहां आपकी कल्पना सीमा से आगे तक जा सकती है। व्यक्तिगत रूप से, मुझे काल्पनिक लेखन पसंद है क्योंकि मैं अपने दिमाग में वास्तव में दुनिया का निर्माण कर सकता हूं, तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं आसानी से शैलियों को बदल सकता हूं और ऐसा मेरे पेशेवर पृष्ठभूमि के कारण हो सकता है।"

जतिन गुप्ता फिलहाल GVC नामक एक वैश्विक गेमिंग कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले वह इनवेसको नामक एक एसेट मैनेजमेंट कम्पनी के साथ काम कर रहे थे, उनके पेशेवर जीवन का प्रमुख हिस्सा मैनेजमेंट कंसल्टिंग और मार्केटिंग में गुजरा है।

कहा जा रहा है कि यह किताब एक फिल्म के लिए एकदम सही मेटेरियल है, जतिन गुप्ता चाहते हैं कि जिस तरह बड़े पैमाने पर किताब को लिखा गया है उसी तरह कहानी के साथ न्याय करने के लिए भी बड़े स्तर पर फिल्म को बनाना होगा।

आपले नविन पुस्तक "कलयुग" च्या यशाबद्दल फारच उत्साहित आहेत लेखक जतिन गुप्ता

आपणास खरोखरच बेस्टसेलर्स मध्ये जागा बनविण्यासाठी मोठ्या प्रमाणात रिलीज करण्याची आवश्यकता नाही आहे! जर ते एक मोहक आणि आश्चर्यकारक पुस्तक असेल तर ते आपल्या क्षमतेने वाचकांपर्यंत पोहोचेल! हे कारण आहे कि कोणीही सध्याचे आगामी लेखक लोकप्रिय ‘कलियुग: द असेंशन’ या पुस्तकाचे लेखक जतिन गुप्ता यांच्याकडून शिकू शकता. लेखक जतीन गुप्ता आपल्या अलीकडील फिक्शनवर आधारित पुस्तकाच्या यशाबद्दल अत्यंत उत्सुक आहेत. तथापि,  त्यांनी नॉन-फिक्शन ते फिक्शनकडे आपले लक्ष केंद्रित केले आहे.

मेगा लॉन्च इवेंट केला नाही, तरी हे पुस्तक हॉट केकसारखे विकले जात आहे. तुम्हाला असा प्रतिसाद अपेक्षित होता? ह्या प्रश्नांवर जतिन गुप्ता म्हणाले, "आम्ही कलियुगच्या २५०० प्रति एका महिन्यात विकल्या आणि ही आमच्यासाठी मोठी बाब होती. ते देखील सरत्या वर्षाच्या अखेरीस हे पुस्तक स्टॉल वर आले, त्यावेळी तर अधिकांश लोक सुट्टीच्या मूड मध्ये परिवारांसोबत व्यस्त असतात, ह्या पुस्तकाने रिकॉर्ड बनिवला. असा प्रतिसाद अपेक्षित होता? खरं सांगायचं तर, जेव्हा मी ही कथा विकसित करीत होतो, तेव्हा पुस्तक असे निघाले कि मी पहिले कधी वाचलेच नव्हते आणि जेव्हा मी प्रत्येक वेळी हे वाचलं, तेव्हा मला वाटलं की आमच्या हातात काहीतरी विशेष आहे.

पुस्तकाच्या मोशन पोस्टरला देखील जबरदस्त प्रतिसाद मिळाला आहे. हे कसे झाले? ह्याबद्दल जतिन गुप्ता ने सांगितले "आम्ही पुस्तकाला वेगळ्या प्रकारे पहात होते आणि ते प्रकाशन प्रक्रियेत असताना आम्ही पुस्तकाच्या बर्यातच पात्रांना आणि दृश्यांना वेगळं रुप देण्याचा धाडसी निर्णय घेतला. आम्ही रेखचित्रें वापरली आणि त्यांना ८ मोशन पोस्टर आणि ट्रेलरमध्ये रूपांतरित केले. विशेष म्हणजे विजुअल्सने शानदार प्रभाव निर्माण केला, ज्यामुळे फेसबुक आणि इंस्टाग्राम वर २ मिलियनहून जास्त व्यूज, 2500 शेअर आणि 25,000 प्रतिसाद मिळाला."

कलियुग या पुस्तकाबद्दल जतिन गुप्ता म्हणाले की नावानेच माहित पडते कि हे पुस्तक कलियुग बद्दल आहे. कलियुग आपल्यासाठी काय आहे आणि ते कसे होईल, यावर एक कल्पना आहे. इतर बर्याेच कथांप्रमाणे ही कथा अजिबात पौराणिक नाही, तर ह्यामध्ये फैंटेसी देखील आहे आणि पौराणिक कथेत फार कमी घटक आहेत. "

नॉन-फिक्शनसह लेखक म्हणून पदार्पण करण्यापासून अलीकडील फिक्शन रिलीजपर्यंत, त्यांच्या लेखनात काय फरक होता?  ह्यावर जतिन गुप्ता सांगतात, "सेल्फ हेल्प आणि मैनेजमेंट बुक्स वास्तविकता वर आधारित असतात आणि ह्यामध्ये कांसेप्टच्या आजूबाजूला खेळायला फारसा वाव नाही. फिक्शन बाबतीत तसे नसले, तरी ते एक अनंत कॅनव्हास आहे, जिथे आपली कल्पनाशक्ती मर्यादेच्या पलीकडे जाऊ शकते. व्यक्तिगत रूपाने, मला काल्पनिक लिखाण आवडते, कारण मी खरोखरच माझ्या मनात जग निर्माण करू शकतो, तेव्हाच मला कळले की मी सहज शैली बदलू शकतो आणि ती माझ्या व्यावसायिक पार्श्वभूमीमुळे असू शकते."

सध्या जतिन गुप्ता GVC नावाच्या ग्लोबल गेमिंग कंपनीत कार्यरत आहेत. याआधी ते इनवेसको नावाच्या एसेट मैनेजमेंट कंपनीत काम करत होते, त्यांच्या व्यावसायिक जीवनाचा एक प्रमुख भाग मैनेजमेंट कंसल्टिंग आणि मार्केटिंग क्षेत्रात गेला आहे.

म्हटले जाते कि हे पुस्तक एखाद्या चित्रपटासाठी परिपूर्ण साहित्य आहे, जतीन गुप्ता यांची इच्छा आहे कि ज्याप्रकारे पुस्तक मोठ्या प्रमाणात लिहिले गेले आहे, त्याचप्रकारे कथेला न्याय देण्यासाठी देखील मोठ्या स्तरावर सिनेमा बनविला पाहिजे.


मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका द्वारा आयोजित फूलों की प्रदर्शनी में इस साल चार लाख से ज़्यादा लोग आये


जीतेन्द्र सिंह परदेसी जो बृहन्मुम्बई महानगर पालिका के अधीक्षक हैं, इन्होने पाँच दिन की जिजामाता उद्यान में फूलों और फलों की प्रदर्शनी रखी जहाँ इस साल चार लाख से ज़्यादा लोग आए। इस प्रदर्शनी में जानेमाने एक्टर रवीना टंडन, पद्मिनी कोल्हापुरे, वर्षा उसगांवकर, शिवाजी साटम, श्रेयस तलपड़े, एकता जैन, फ़िल्म द हंड्रेड बक के कलाकार - कविता त्रिवेदी, दुष्यन्त प्रताप सिंह और संतोक सिंह ने शिरकत की। बृहन्मुम्बई महानगर पालिका का गार्डन डिपार्टमेंट हर साल ये शो करता है, जहां लोग अलग अलग प्रकार के फूल देखने आते हैं। इस साल फूलों से फिल्मसिटी बनाई, ट्राम बनाया, तितली बनाई, जूता घर बनाया और कई मुंबई का डब्बेवाला बनाया। ये सारे विभिन्न प्रकार के फूलों से बनाया गया।

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका द्वारा आयोजित फुलांचे प्रदर्शन पाहण्यासाठी ह्या वर्षी चार लाखांहून जास्त लोक आले.

जीतेन्द्र सिंह परदेसी, जे बृहन्मुम्बई महानगर पालिकेचे अधीक्षक आहेत, त्यांनी जिजामाता उद्यान मध्ये पाच दिवसांचे फुलांचे प्रदर्शन आयोजित केले होते, ते पाहण्यासाठी ह्या वर्षी चार लाखांहून अधिक लोक आले. हे प्रदर्शन पाहण्यासाठी सुप्रसिद्ध कलाकार  रवीना टंडन, पद्मिनी कोल्हापुरे, वर्षा उसगांवकर, शिवाजी साटम, श्रेयस तलपड़े, एकता जैन, चित्रपट ‘द हंड्रेड बक’ मधील कलाकार - कविता त्रिवेदी, दुष्यन्त प्रताप सिंग आणि संतोक सिंग देखील आले होते. बृहन्मुम्बई महानगर पालिकेचे गार्डन डिपार्टमेंट दरवर्षी फुलांचे प्रदर्शन आयोजित करतात, तेथे लोक वेगवेगळ्या प्रकारची फुले पाहण्यासाठी येतात. ह्या वर्षी फुलांपासून फिल्मसिटी, ट्राम, फूलपाखरू, चपलांचे घर आणि मुंबईचा डब्बेवाला देखील बनविला होता. हे सर्वकाही वेगवेगळ्या प्रकारच्या फुलांपासून बनविले होते.